कन्नौज: जनपद स्तरीय डेयरी कॉन्क्लेव का आयोजन

 वैज्ञानिक पशुपालन एवं आधुनिक डेयरी प्रबंधन को बढ़ावा देने पर जोर

बृजेश चतुर्वेदी

कन्नौज।(आवाज न्यूज़ ब्यूरो)। दुग्ध स्वर्ण महोत्सव के अंतर्गत विकास भवन हर्षवर्धन सभागार में जनपद स्तरीय डेयरी कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र कुमार श्रीवास ने की। कॉन्क्लेव में पशुपालन एवं दुग्ध विकास विभाग के अधिकारियों, पशु चिकित्साधिकारियों, दुग्ध उत्पादक किसानों, पशुपालकों, स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों तथा विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

मुख्य विकास अधिकारी ने अपने संबोधन में कहा कि डेयरी क्षेत्र ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने और किसानों की आय में वृद्धि का एक महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक पशुपालन, संतुलित पशु आहार, नियमित टीकाकरण, कृत्रिम गर्भाधान तथा आधुनिक डेयरी तकनीकों को अपनाकर दुग्ध उत्पादन की गुणवत्ता एवं मात्रा दोनों में उल्लेखनीय वृद्धि की जा सकती है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शासन की सभी पशुपालक हितैषी योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र लाभार्थी तक पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से पहुँचाया जाए।

मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. सरदूल सिंह ने पशुपालकों को पशु स्वास्थ्य प्रबंधन, संक्रामक रोगों की रोकथाम, स्वच्छ एवं गुणवत्तापूर्ण दुग्ध उत्पादन, संतुलित पोषण, कृत्रिम गर्भाधान तथा विभाग द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि स्वस्थ पशु ही अधिक एवं गुणवत्तापूर्ण दुग्ध उत्पादन का आधार हैं, इसलिए नियमित टीकाकरण, समय पर उपचार तथा वैज्ञानिक प्रबंधन को अपनाना अत्यंत आवश्यक है।

कॉन्क्लेव में विशेषज्ञों द्वारा आधुनिक डेयरी प्रबंधन, दुग्ध गुणवत्ता संवर्धन, पशु कल्याण, मूल्य संवर्धन तथा सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तृत प्रस्तुति दी गई। साथ ही प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए उन्हें वैज्ञानिक एवं व्यावसायिक डेयरी व्यवसाय अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री गो-संवर्धन योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 के चयनित लाभार्थियों को प्रतीकात्मक रूप से चयन-पत्र वितरित किए गए तथा उन्हें योजनाओं का अधिकतम लाभ लेकर स्वरोजगार एवं आयवृद्धि के लिए प्रेरित किया गया।

कार्यक्रम के अंत में सभी पशुपालकों से वैज्ञानिक एवं आधुनिक पशुपालन अपनाने, पशुओं के नियमित स्वास्थ्य परीक्षण एवं टीकाकरण कराने तथा विभागीय योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाकर आत्मनिर्भर एवं समृद्ध डेयरी व्यवसाय विकसित करने का आह्वान किया गया।

कार्यक्रम में समाज कल्याण राज्य मंत्री के प्रतिनिधि आर.एस. कठेरिया, जिला विकास अधिकारी राजकुमार लोधी, उप कृषि निदेशक  संतोष कुमार, पशुपालन विभाग एवं दुग्धशाला विकास विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी सहित बड़ी संख्या में पशुपालक एवं किसान उपस्थित रहे।