लापरवाही किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं होगी : डीएम
बृजेश चतुर्वेदी
कन्नौज।(आवाज न्यूज़ ब्यूरो)। जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट गांधी सभागार में जिला वृक्षारोपण समिति, जिला गंगा समिति एवं जिला पर्यावरण समिति की संयुक्त बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में पर्यावरण संरक्षण, गंगा स्वच्छता, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, वृक्षारोपण, जल संरक्षण तथा जनजागरूकता से संबंधित विभिन्न बिंदुओं की विस्तृत समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में गंगा संरक्षण, ठोस अपशिष्ट को नदी में जाने से रोकने, वृक्षारोपण, सीवरेज प्रबंधन, जैव विविधता एवं आर्द्रभूमि संरक्षण सहित विभिन्न एजेंडों पर विस्तार से चर्चा की गई।
जिलाधिकारी ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर किए गए वृक्षारोपण की जियो टैगिंग तत्काल पूर्ण कराने के निर्देश देते हुए स्पष्ट कहा कि जियो टैगिंग में किसी भी प्रकार का त्रुटिपूर्ण अथवा भ्रामक डेटा स्वीकार नहीं किया जाएगा। सभी विभाग निर्धारित प्रारूप में अभिलेखों का सुव्यवस्थित संधारण सुनिश्चित करें तथा प्रत्येक पौधे की वास्तविक स्थिति का सत्यापन भी कराया जाए।
उन्होंने निर्देश दिए कि भविष्य में कोल्ड स्टोरेज के नवीनीकरण से पूर्व वन विभाग की अनापत्ति (एनओसी) प्राप्त करना अनिवार्य होगा। जिन कोल्ड स्टोरेज संचालकों द्वारा सड़े हुए आलू अथवा अन्य अपशिष्ट सार्वजनिक मार्गों पर फेंके जाते हैं, उनके विरुद्ध फोटोग्राफिक साक्ष्य संकलित कर नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाए तथा आवश्यक होने पर उनके नवीनीकरण पर भी रोक लगाई जाए।
जिलाधिकारी ने नगर निकायों के अधिशासी अधिकारियों को निर्देशित किया कि समस्त कूड़ा केवल अधिकृत डंपिंग ग्राउंड पर ही डाला जाए। किसी भी दशा में सड़क किनारे अथवा सार्वजनिक स्थलों पर कूड़ा दिखाई नहीं देना चाहिए। उन्होंने सभी अधिशासी अधिकारियों को प्रतिदिन प्रातः भ्रमण कर नगरों की स्वच्छता व्यवस्था का निरीक्षण करने तथा सार्वजनिक स्थलों पर गंदगी फैलाने वालों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करते हुए जुर्माना लगाने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 पर्यावरण संरक्षण की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण पहल है। इसका व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए तथा सभी नगर निकायों में कार्यशालाओं का आयोजन कर जनप्रतिनिधियों, कर्मचारियों एवं नागरिकों को जागरूक किया जाए।
बैठक में “एक नगर-एक सरोवर” अभियान की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि चयनित तालाबों की वर्तमान स्थिति के फोटोग्राफ अगली बैठक में प्रस्तुत किए जाएं तथा उनकी समयबद्ध पैमाइश एवं सौंदर्यीकरण सुनिश्चित किया जाए, जिससे वे जनपद की पर्यावरणीय धरोहर के रूप में विकसित हो सकें।
उन्होंने आगामी विशेष वृक्षारोपण अभियानों की तैयारियों की भी समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि 15 अगस्त को “वंदे मातरम् वाटिका”, 28 अगस्त को “भाई-बहन वाटिका”, 5 सितंबर को “एक पेड़ गुरु के नाम” तथा अन्य निर्धारित कार्यक्रमों के लिए उपयुक्त स्थलों का तत्काल चयन कर पौधों की प्रजाति एवं संख्या का विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाए। जिला विद्यालय निरीक्षक को विद्यालयों में वृक्षारोपण हेतु उपयुक्त परिसरों का चयन करने के निर्देश भी दिए गए।
जिलाधिकारी ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक विभाग का दायित्व नहीं, बल्कि सभी विभागों की साझा जिम्मेदारी है। सभी विभाग आपसी समन्वय से कार्य करते हुए जनपद को स्वच्छ, हरित एवं प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए सतत प्रयास करें। उन्होंने पॉलीथिन उन्मूलन अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने तथा व्यापक जनसहभागिता सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र कुमार श्रीवास, प्रभागीय वनाधिकारी हेमंत सेठ, डीसी मनरेगा दिनेश यादव सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।