कन्नौज: सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर ‘मेडिएशन फॉर नेशन 3.0’ अभियान का शुभारंभ

बृजेश चतुर्वेदी

कन्नौज।(आवाज न्यूज़ ब्यूरो)। न्यायाधीश / सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण पौमेला श्रीवास्तव द्वारा बताया गया कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण और सुप्रीम कोर्ट की मध्यस्थता एवं कन्सिलिएशन प्रोजेक्ट कमेटी के तत्वावधान में देशव्यापी ‘मेडिएशन फॉर नेशन 3.0’ (मध्यस्थता अभियान 3.0) का औपचारिक शुभारंभ कर दिया गया है। इस राष्ट्रीय अभियान का मुख्य उद्देश्य न्यायालयों में लंबित मामलों को प्रशिक्षित मध्यस्थों के माध्यम से आपसी सहमति और सौहार्दपूर्ण वातावरण में निपटाना है। यह विशेष अभियान 1 अगस्त  से शुरू होकर 30 दिसम्बर तक निरंतर चलाया जाएगा।

न्यायाधीश / सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कन्नौज द्वारा बताया गया कि उक्त अभियान की मुख्य विशेषताएं और प्रक्रिया निम्न प्रकार से भी समझा जा सकता है।

स्वैच्छिक और गोपनीय प्रक्रिया

मध्यस्थता पूरी तरह से गोपनीय, स्वैच्छिक और सरल कानूनी प्रक्रिया है। इसमें दोनों पक्षों की बात सुनकर एक तटस्थ मध्यस्थ (Mediator) समझौते का रास्ता निकालता है। 

समय और धन की बचत

इस माध्यम से विवाद सुलझने पर कोर्ट फीस की बचत होती है और वर्षों लंबी चलने वाली अदालती प्रक्रिया से मुक्ति मिलती है। 

हाइब्रिड मोड की सुविधा

पक्षकारों की सुविधा के अनुसार यह मध्यस्थता प्रक्रिया व्यक्तिगत (Offline), ऑनलाइन (Online) या हाइब्रिड मोड में संचालित की जा रही है।

रिश्तों में मधुरता

कोर्ट के फैसले में एक पक्ष जीतता है और दूसरा हारता है, लेकिन मध्यस्थता में दोनों पक्षों की जीत  होती है, जिससे आपसी संबंध खराब नहीं होते।

अभियान के तहत अदालतों में लंबित ऐसे मामलों की पहचान की जा रही है जिनमें सुलह- समझौते की गुंजाइश है। 

मुख्य रूप से निम्नलिखित श्रेणी के मामलों को प्राथमिकता दी जाएगीः

वैवाहिक एवं पारिवारिक विवाद, चेक बाउंस के मामले, दीवानी और संपत्ति के विवाद, घरेलू हिंसा और शमनीय आपराधिक मामले, श्रम, सेवा, उपभोक्ता और मोटर दुर्घटना दावा मामले, बैंक ऋण वसूली और वाणिज्यिक विवाद।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष/सचिव ने आम जनता और अधिवक्ताओं से अपील की है कि वे इस सुनहरे अवसर का लाभ उठाएं।