कन्नौज : नवोदय के नाराज छात्रों को डीएम ने दुलार से मनाया, प्यार से खिलवाया भोजन 

अमानक खाने और शिक्षकों की बदजुबानी पर फूटा था करीब एक सैकड़ा छात्रों का गुस्सा, कमरे बंद कर किया था अन्न-जल का त्याग, डीएम के ‘ग्राउंड कनेक्ट’ से पिघले नौनिहाल

बृजेश चतुर्वेदी

कन्नौज :(आवाज न्यूज़ ब्यूरो)।  जवाहर नवोदय विद्यालय अनौगी का माहौल उस वक्त गरमा गया, जब मेस में परोसे जा रहे घटिया गुणवत्ता के भोजन, प्रशासनिक बदहाली और शिक्षकों की कड़वी जुबान से तंग आकर 10वीं, 11वीं और 12वीं के करीब 100 मेधावी छात्रों ने बगावत का झंडा बुलंद कर दिया।

आक्रोशित छात्रों ने भोजन का पूरी तरह बहिष्कार कर दिया और खुद को हॉस्टल के कमरों में बंद कर ताले लगा लिए। छात्रों का आरोप था कि लंबे समय से उन्हें अमानक भोजन दिया जा रहा है। जब भी उन्होंने आवाज उठाई, समस्या हल करने के बजाय प्रधानाचार्य और अध्यापकों ने उन्हें डपट दिया। इस रवैए से आहत होकर ही बच्चों को भूख हड़ताल जैसे सख्त रास्ते पर जाना पड़ा।

न रौब, न डांट… साथ बैठकर जब डीएम बने ‘अभिभावक’

छात्रों के कमरों में बंद होने और अन्न-जल त्यागने की खबर मिलते ही जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री बिना वक्त गंवाए सीधे हॉस्टल पहुंचे। उन्होंने किसी प्रशासनिक रौब के बजाय एक आत्मीय अभिभावक की तरह छात्रों के साथ बैठकर उन्हें अपने पास बुलाया। डीएम ने बारीकी से उनकी एक-एक शिकायत सुनी और तुरंत निस्तारण का भरोसा दिया। डीएम के इस संवेदनशील अंदाज से छात्रों का गुस्सा शांत हुआ और उन्होंने तुरंत ताले खोलकर कैंटीन में जाकर भोजन ग्रहण किया।

नवोदय के 100 से ज्यादा मेधावी छात्रों के हॉस्टल में कैद होने और भूख हड़ताल की इस गंभीर स्थिति को मीडिया ने प्रमुखता से उजागर किया। खबर प्रसारित होते ही प्रशासनिक गलियारे में हड़कंप मच गया। ल खबर के असर से ही डीएम दल-बल के साथ तत्काल मौके पर पहुंचे और मामले का त्वरित व शांतिपूर्ण समाधान हो सका।

बच्चे बहुत अनुशासित हैं, औचक निरीक्षण से सुधरेगी व्यवस्था’ : डीएम

जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री ने बातचीत में कहा, “विद्यार्थियों की जो भी समस्याएं थीं, हमने उनके बीच बैठकर आत्मीयता से वार्ता की है। ये सभी बहुत मेधावी और अनुशासित बच्चे हैं। अध्यापकों के व्यवहार और मेस की व्यवस्था को लेकर अलग से सख्त कदम उठाए जाएंगे। भोजन की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए अब लगातार औचक निरीक्षण होंगे। स्थिति अब पूरी तरह सामान्य है और सभी बच्चे हंसते-खेलते भोजन कर रहे हैं।”