इत्र की खुशबू से औद्योगिक विकास, बेहतर कनेक्टिविटी, रोजगार, स्वास्थ्य, शिक्षा, कानून-व्यवस्था और जनकल्याण तक—कन्नौज की विकास यात्रा पर जिलाधिकारी ने साझा की उपलब्धियां
बृजेश चतुर्वेदी
कन्नौज।(आवाज न्यूज़ ब्यूरो)। तिर्वा स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज (बाबा साहब डॉ. भीमराव रामजी मेडिकल कॉलेज) में डीडी न्यूज चैनल के विशेष कार्यक्रम ‘ट्रिलियन ट्रेकर’ के तहत ‘विकसित उत्तर प्रदेश’ विषय पर जनपद कन्नौज के विकास, औद्योगिक संभावनाओं, कानून-व्यवस्था, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन, रोजगार एवं जनकल्याणकारी योजनाओं को लेकर विशेष चर्चा आयोजित की गई।
कार्यक्रम में डीडी न्यूज की एंकर दीप्ति ने जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री, पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार एवं मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र कुमार श्रीवास से विभिन्न विषयों पर विस्तार से संवाद किया।
इत्र उद्योग में आधुनिक तकनीक और औद्योगिक गलियारे से विकास को नई गति
एंकर द्वारा कन्नौज के इत्र एवं एसेंशियल ऑयल्स के निर्यात की संभावनाओं पर सवाल किए जाने पर जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री ने कहा कि कन्नौज के लिए इत्र उद्योग केवल परंपरा और पहचान का विषय नहीं, बल्कि आर्थिक विकास, रोजगार और निर्यात वृद्धि का बड़ा माध्यम भी है। उन्होंने बताया कि देश में एसेंशियल ऑयल्स का घरेलू बाजार लगभग 600 करोड़ रुपये के आसपास है, जबकि वर्ष 2024 में कन्नौज से इत्र एवं एसेंशियल ऑयल्स का निर्यात लगभग 55 से 60 करोड़ रुपये रहा। आधुनिक तकनीक, नए उत्पादों एवं बेहतर मार्केटिंग को जोड़कर इस क्षेत्र की संभावनाओं को और व्यापक बनाया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि कन्नौज की मिट्टी और यहां की जलवायु की अपनी विशिष्ट पहचान है। बेला, हरसिंगार, गुलाब सहित विभिन्न पुष्पों की खुशबू में कन्नौज की मिट्टी, किसान का परिश्रम और यहां की सदियों पुरानी इत्र निर्माण परंपरा की महक समाहित है। “कन्नौज के लोग मिट्टी से भी इत्र निकाल लेते हैं” की प्रसिद्ध कहावत यहां की हुनरमंदी और विरासत को दर्शाती है।
जिलाधिकारी ने बताया कि कन्नौज में लगभग 114 हेक्टेयर भूमि पर औद्योगिक गलियारा विकसित किया जा रहा है, जिससे इत्र उद्योग के साथ-साथ अन्य औद्योगिक गतिविधियों को भी प्रोत्साहन मिलेगा। इसी क्षेत्र के जनखत गांव में ग्राम समाज की भूमि को सुरक्षित कर औद्योगिक पार्क विकसित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। इन परियोजनाओं से स्थानीय स्तर पर निवेश, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद है।
युवा नौकरी मांगने वाले नहीं, नौकरी देने वाले बनें—कौशल विकास पर जोर
युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के साथ उन्हें रोजगार सृजक बनाने के सवाल पर जिलाधिकारी ने कहा कि सरकार की मंशा युवाओं को “नौकरी करने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला” बनाने की है। इसी दिशा में जनपद में आर सेटी के माध्यम से विभिन्न वर्गों के युवाओं को कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है, ताकि वे अपनी क्षमता और हुनर के आधार पर स्वरोजगार एवं उद्यमिता की ओर आगे बढ़ सकें।
उन्होंने कहा कि कौशल विकास, उद्यमिता और रोजगार के अवसरों को बढ़ाकर समर्थ एवं आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश के निर्माण में जनपद अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
पर्यटन और बेहतर कनेक्टिविटी से कन्नौज को मिलेगी नई पहचान
जिलाधिकारी ने कन्नौज के ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थलों की पर्यटन की दृष्टि से संभावनाओं पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जनपद के प्राचीन मंदिरों एवं धार्मिक स्थलों के विकास और सौंदर्यीकरण की दिशा में कार्य किया जा रहा है। मेहंदी घाट पर विभिन्न पर्वों एवं अवसरों पर दूर-दूर से श्रद्धालु एवं पर्यटक पहुंचते हैं। घाट के विकास एवं आवश्यक सुविधाओं के विस्तार की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि कन्नौज पहले से ही बेहतर मार्गों से जुड़ा हुआ है। गंगा एक्सप्रेसवे तथा प्रस्तावित/निर्माणाधीन लिंक एक्सप्रेसवे से कनेक्टिविटी और मजबूत होने पर आवागमन, व्यापार, पर्यटन एवं औद्योगिक गतिविधियों को व्यापक लाभ मिलेगा।
स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार को प्राथमिकता
जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं को लगातार सुदृढ़ किया जा रहा है। अपूर्ण पी एस सी एवं सी एच सी से संबंधित कार्यों को पूरा कराया जा रहा है। आयुष विभाग से जुड़े आयुर्वेदिक एवं होम्योपैथिक चिकित्सालयों को भी विकसित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि राजकीय मेडिकल कॉलेज में पीजी कक्षाओं का संचालन प्रारंभ होना जनपद के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे स्थानीय लोगों को उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधाओं के साथ विशेषज्ञ चिकित्सकीय शिक्षा एवं सेवाओं का भी लाभ मिल रहा है।
उन्होंने बताया कि बाल संग्रहालय की परियोजना शासन स्तर पर भेजी गई है और इसके शीघ्र क्रियान्वयन की दिशा में प्रयास जारी हैं।
सड़क सुरक्षा में ‘नो हेलमेट, नो पेट्रोल’ सहित व्यापक अभियान
सड़क सुरक्षा के संबंध में जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए विशेष अभियान संचालित किए जा रहे हैं। पेट्रोल पंपों पर ‘नो हेलमेट, नो पेट्रोल’ से संबंधित जागरूकता संदेश एवं बैनर लगाए गए हैं। विद्यालयों में छात्र-छात्राओं को यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। अवैध स्टैंड हटाने तथा ग्रामीण एवं छोटे कस्बाई क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए भी कार्रवाई की जा रही है।
जल जीवन मिशन से लगभग 2.75 लाख घरों तक पहुंचा नल से जल
जल जीवन मिशन की प्रगति बताते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद में लगभग 2 लाख 75 हजार घरेलू कनेक्शन किए जा चुके हैं। शेष घरों में कनेक्शन का कार्य आगामी 5 से 6 माह में पूर्ण कर शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने जल संरक्षण एवं जल निकासी व्यवस्था पर भी विशेष जोर दिया। अत्यधिक वर्षा के कारण जलभराव वाले क्षेत्रों में पंपों के माध्यम से शीघ्र पानी निकासी कराई गई। एसटीपी के माध्यम से जल का शुद्धीकरण कर उसे निर्धारित मानकों के अनुरूप नदियों में प्रवाहित किया जा रहा है।
जनसुनवाई में संवेदनशीलता और शिक्षा में गुणवत्ता पर जोर
जिलाधिकारी ने कहा कि अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश हैं कि जनसुनवाई के दौरान आमजन की शिकायतों को धैर्यपूर्वक सुनकर संवेदनशीलता के साथ गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करें। उनका प्रयास है कि फरियादी अपनी समस्या के समाधान के बाद संतुष्ट होकर जाए।
उन्होंने कहा कि शासन द्वारा जनकल्याण के लिए अनेक योजनाएं एवं व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई गई हैं। प्रशासन का दायित्व है कि इनका लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाया जाए। इसी उद्देश्य से अधिकारी गांव-गांव जाकर ग्राम चौपाल, विशेष कैंप एवं क्षेत्रीय भ्रमण के माध्यम से लोगों से सीधे संवाद कर रहे हैं।
शिक्षा के क्षेत्र में जनपद के परिषदीय विद्यालयों, इंटर कॉलेजों, इंजीनियरिंग कॉलेज एवं मेडिकल कॉलेज में सुविधाओं और शैक्षिक गुणवत्ता को बेहतर बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में भी छात्राओं को आगे की शिक्षा एवं कैरियर के लिए प्रोत्साहित करने हेतु विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। विद्यालयों में लैब, पुस्तकें, लाइब्रेरी, भोजन तथा DBT के माध्यम से ड्रेस आदि की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे विद्यार्थियों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का वातावरण तैयार हो रहा है।
जिलाधिकारी ने अपने ‘डीएम की पाठशाला’ कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए बताया कि उन्होंने स्वयं विद्यालयों में पहुंचकर बच्चों से संवाद किया और उनसे विभिन्न विषयों पर जानकारी ली। बच्चों की जानकारी और उत्साह देखकर उन्हें यह विश्वास और मजबूत हुआ कि जनपद के बच्चे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की ओर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
‘जीरो पॉवर्टी’ अभियान से पात्र परिवारों को योजनाओं का लाभ
जीरो पॉवर्टी अभियान के संबंध में जिलाधिकारी ने बताया कि अभियान के तहत पात्र परिवारों को राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड, आवास योजना सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का वास्तविक लाभ दिलाने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। उद्देश्य है कि कोई भी पात्र परिवार मूलभूत सुविधाओं और सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे।
उन्होंने कहा कि “किसी को डरने की जरूरत नहीं है। हमारा प्रयास है कि टीम को और मजबूत किया जाए, अधिकारी मौके पर जाएं, समस्याओं को समझें और उनका समाधान करें तथा सरकार की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाएं।”
स्वच्छ गंगा और विकसित घाटों से बढ़ रहा पर्यटन
गंगा की स्वच्छता पर जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद में गंगा को स्वच्छ एवं निर्मल बनाए रखने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। घाटों के सौंदर्यीकरण का कार्य कराया जा रहा है। गंगा में डॉल्फिन का दिखाई देना नदी के पारिस्थितिकीय स्वास्थ्य एवं स्वच्छता की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का सकारात्मक संकेत है।
तकनीक आधारित पुलिसिंग से कानून-व्यवस्था को मिल रही मजबूती
पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार ने डीडी न्यूज एंकर के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि कन्नौज संवेदनशील एवं महत्वपूर्ण जनपद होने के साथ-साथ इत्र नगरी के रूप में देश-दुनिया में अपनी पहचान रखता है। जनपद में आलू एवं मक्का का भी बड़े पैमाने पर उत्पादन होता है। पुलिस द्वारा संवेदनशील एवं हॉटस्पॉट क्षेत्रों को चिह्नित कर लगातार निगरानी की जाती है। आवश्यकता के अनुसार पुलिस बल एवं पेट्रोलिंग बढ़ाई जाती है।
उन्होंने बताया कि जनपद पुलिस में पेपरलेस पुलिसिंग एवं ई-ऑफिस व्यवस्था को प्रभावी रूप से लागू किया गया है। वर्ष 2024 से ई-ऑफिस व्यवस्था एसपी कार्यालय से लेकर थानों तक लागू है और अब तक लगभग 20 हजार फाइलों का मूवमेंट ई-ऑफिस के माध्यम से किया जा चुका है।
अपराधियों के विरुद्ध संपत्ति जब्ती एवं अन्य वैधानिक कार्रवाई भी की जा रही है। महिलाओं एवं परिवार से संबंधित शिकायतों के निस्तारण के लिए संबंधित इकाइयां प्रभावी ढंग से कार्य कर रही हैं।
महिला सुरक्षा और ‘ऑपरेशन किरण’ पर विशेष फोकस
सोशल मीडिया से जुड़े मामलों पर पुलिस अधीक्षक ने कहा कि नाबालिग बालिकाओं द्वारा फेसबुक, इंस्टाग्राम आदि के माध्यम से अनजान लोगों से संपर्क स्थापित करने के मामलों में पुलिस तकनीकी संसाधनों की मदद से उनकी सुरक्षित बरामदगी एवं परिजनों से मिलाने के लिए प्रभावी कार्रवाई करती है। सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर भी लगातार निगरानी रखते हुए कार्रवाई की जाती है।
उन्होंने ‘ऑपरेशन किरण’ के बारे में बताया कि इसके माध्यम से पारिवारिक विवादों से परेशान महिलाओं की शिकायतों को गंभीरता से सुना जाता है। प्रतिदिन महिलाएं अपनी समस्याएं लेकर पहुंचती हैं। पिछले वर्ष लगभग 600 परिवारों को पुनः जोड़ने में सफलता मिली तथा उनका लगातार फॉलोअप भी किया गया।
साइबर अपराध से निपटने को हर थाने में हेल्प डेस्क, सी सी टी वी से निगरानी
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि पारंपरिक अपराधों में कमी आई है, वहीं मोबाइल एवं डिजिटल तकनीक के बढ़ते उपयोग के साथ साइबर अपराध की चुनौतियां बढ़ी हैं। इससे निपटने के लिए प्रत्येक थाने में हेल्प डेस्क स्थापित किए गए हैं और विद्यालयों में जाकर विद्यार्थियों एवं आमजन को साइबर अपराध से बचाव के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि यक्ष ऐप के माध्यम से अपराधियों की पहचान एवं गिरफ्तारी के लिए तकनीक का उपयोग किया जा रहा है तथा नियमित मॉनिटरिंग की जाती है। इसके साथ ही त्रिनेत्र सीसीटीवी प्रणाली के माध्यम से प्रमुख चौराहों, मार्गों एवं संवेदनशील स्थलों पर निगरानी रखी जा रही है। इससे अपराध नियंत्रण एवं अपराधियों की पहचान में पुलिस को महत्वपूर्ण सहायता मिल रही है।
ग्रामीण विकास और स्वरोजगार को बढ़ावा देने पर सीडीओ ने साझा की उपलब्धियां
मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र कुमार श्रीवास ने एंकर के सवालों का जवाब देते हुए जनपद में संचालित विभिन्न विकास एवं रोजगारपरक योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना, कृषि एवं मक्का उत्पादन, ग्रामीण क्षेत्रों में कौशल विकास, अंत्येष्टि स्थल, पंचायत सचिवालय, अन्नपूर्णा भवन, डिजिटल लाइब्रेरी, मधुमक्खी पालन, मुर्गी पालन, पशुपालन, मत्स्य पालन, अमृत तालाब एवं बीवी रामजी योजना सहित विभिन्न कार्यक्रमों की प्रगति एवं उपलब्धियों पर प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए कृषि के साथ-साथ पशुपालन, मत्स्य पालन, मधुमक्खी पालन एवं अन्य स्वरोजगारपरक गतिविधियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। डिजिटल लाइब्रेरी एवं पंचायत स्तर पर विकसित सुविधाओं के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा, सूचना एवं डिजिटल सेवाओं की पहुंच बढ़ाई जा रही है।
‘विकसित उत्तर प्रदेश’ की दिशा में कन्नौज की समग्र विकास यात्रा
डीडी न्यूज के विशेष कार्यक्रम में कन्नौज की विकास यात्रा के विभिन्न आयामों पर हुई चर्चा में यह स्पष्ट रूप से सामने आया कि इत्र की विश्व प्रसिद्ध पहचान को आधुनिक औद्योगिक विकास, बेहतर कनेक्टिविटी, रोजगार एवं कौशल विकास, गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य एवं शिक्षा, तकनीक आधारित पुलिसिंग, स्वच्छ गंगा, पर्यटन विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से जोड़ते हुए जनपद को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विकास चंद्रा सहित संबंधित अधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
