पत्रकारिता की गिरती गरिमा और राजनीति की बिगड़ती भाषा
– डॉ. प्रियंका सौरभ नई दिल्ली। (आवाज न्यूज ब्यूरो)। लोकतंत्र केवल वोट देने का अधिकार नहीं होता, वह एक सतत संवाद की प्रक्रिया है—जहाँ सवाल पूछे जाते हैं, जवाबदेही तय होती है और असहमति को सम्मान के साथ सुना जाता है। इस संवाद को जीवित रखने का जिम्मा जिन दो प्रमुख स्तंभों पर टिका होता…

