संविधान हत्यारे कौन? – जब अवसरवाद शर्म को भी खा जाता है
आपातकाल: लोकतंत्र पर लगा पहला आधिकारिक तालाजनता ने विरोध किया, फिर क्षमा भी दीबदले हुए चेहरे, वही मौकापरस्तीआज की सत्ता क्या सच में लोकतांत्रिक है?संविधान की हत्या के असली अपराधी कौन? राजनीति में परिवर्तन स्वाभाविक है, लेकिन चरित्रहीनता नहीं। आज जो नेता इंदिरा गांधी को कोसते हुए ‘संविधान बचाओ’ का नारा लगा रहे हैं, कल…

