कन्नौज : 6 दिन से बिजली के दर्शन नही, महिलाएं सड़को पर उतरीं

बृजेश चतुर्वेदी कन्नौज।(आवाज न्यूज ब्यूरो)।  जिले के इंदरगढ़ कस्बे में बदहाल बिजली व्यवस्था के खिलाफ महिलाओं का गुस्सा फूट पड़ा। भीषण गर्मी और लगातार छह दिनों से बिजली आपूर्ति ठप रहने के चलते महिलाओं ने शनिवार रात इंदरगढ़-उमर्दा रोड पर बैठकर सड़क जाम कर दिया। महिलाओं ने आरोप लगाया कि बिजली न होने से बच्चों…

मानसून ने पकड़ी रफ्तार, अब होगी झमाझम बारिश

नई दिल्ली।(आवाज न्यूज ब्यूरो)। पूरा उत्तर भारत इन दिनों भीषण गर्मी से जूझ रहा है। दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, बिहार और राजस्थान जैसे राज्यों में तापमान लगातार बढ़ रहा है। तेज धूप और उमस ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। लू जैसी स्थिति बन गई है और गर्म हवाओं से हालत और खराब हो…

“अब यही मेरी दुनिया है”: एक स्त्री की चुपचाप क्रांति

कुछ औरतें मायके के बिना जीना सीख जाती हैं — न माँ की गोद, न भाई का कंधा, फिर भी हर रिश्ता निभाती हैं। दुख पी जाती हैं, आँसू अपने आँचल से पोंछ लेती हैं। कोई नहीं कहता “बेटी थक गई होगी”, पर वह खुद को समझा लेती है कि यही अब उसकी दुनिया है।…

यूपी में बदलेगा मौसम का मिजाज : अगले 36 घंटों में बारिश और आंधी का अलर्ट

लखनऊ।(आवाज न्यूज ब्यूरो)। प्रचंड गर्मी और लू का सामना कर रहे उत्तर प्रदेश में अगले 36 घंटों में आंधी और गरज चमक के साथ वर्षा का अनुमान व्यक्त किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 36 घंटों में पूर्वी उत्तर प्रदेश में कहीं कहीं वर्षा अथवा गरज चमक के साथ छींटे पड़ने के आसार…

पिछले साल के पौधे भी देखे क्या?

हर वर्ष ‘विश्व पर्यावरण दिवस’ पर हम पौधे लगाते हैं, फोटो खिंचवाते हैं, लेकिन एक प्रश्न अनदेखा रह जाता है — क्या पिछले साल लगाए पौधे अभी भी जीवित हैं? पौधारोपण अब महज़ एक दिखावे का आयोजन बन चुका है, जिसमें जिम्मेदारी गौण और प्रचार प्रमुख हो गया है। जरूरत है “वृक्षपालन” की, जिसमें हर…

कुदरत के सबक को कब पढ़ेगा इंसान?”

पाँच साल पहले कोविड-19 लॉकडाउन ने जहां दुनिया की अर्थव्यवस्था को झकझोरा, वहीं पर्यावरण को राहत दी। वायु प्रदूषण, ग्रीनहाउस गैसों और औद्योगिक उत्सर्जन में गिरावट ने साबित किया कि प्रकृति को सुधारना संभव है। नदियाँ स्वच्छ हुईं, आसमान नीला दिखा, और हवा शुद्ध हुई। यह लेख महामारी के माध्यम से प्रकृति की चेतावनी और…

अंततः देश में जाति जनगणना : प्रतिनिधित्व या पुनरुत्थान?

भारत में दशकों से केवल अनुसूचित जातियों और जनजातियों की गिनती होती रही है, जबकि अन्य जातियाँ नीति निर्माण में अदृश्य रहीं। जाति जनगणना केवल गिनती नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय की नींव है। बिना सटीक आंकड़ों के आरक्षण, योजनाएं और संसाधन वितरण अधूरे रहेंगे। विरोध करने वालों को डर है कि उनके विशेषाधिकार चुनौती में…

सीमा पार क़ैद एक सिपाही: गर्भवती पत्नी की पुकार और हमारी चुप्पी

 “पूर्णम को लौटाओ: एक अजन्मे बच्चे की पहली माँग” “देश चुप है, पत्नी नहीं: एक सिपाही की वापसी की जंग” बीएसएफ़ के जवान पूर्णम साहू पिछले एक सप्ताह से पाकिस्तान के कब्ज़े में हैं। वह ड्यूटी के दौरान सीमा पार कर गए और तबसे कोई प्रत्यक्ष संपर्क नहीं हो पाया है। उनकी पत्नी आठ महीने…

मजदूर दिवस : एक दिन सम्मान, साल भर अपमान

मजदूर दिवस केवल एक तारीख नहीं, श्रमिकों की मेहनत, संघर्ष और हक की पहचान है। 1 मई को मनाया जाने वाला यह दिन उस आंदोलन की याद है जिसने काम के सीमित घंटे, सम्मानजनक वेतन और श्रम अधिकारों की लड़ाई लड़ी। लेकिन भारत जैसे देशों में मजदूर आज भी असंगठित, असुरक्षित और उपेक्षित हैं। महिला…

पहलगाम आतंकी हमले में मारे गए शुभम द्विवेदी के परिजनों से मिले राहुल गांधी

‘‘पूर्व प्रधानमंत्री इन्दिरा गांधी जिन्दा होती तो ऐसे आतंकी हमले नहीं होते : शुभम द्विवेदी के पिता‘‘कानपुर।(आवाज न्यूज ब्यूरो)। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और सांसद राहुल गांधी ने बुधवार को पहलगाम आतंकी हमले में मारे गए कानपुर के शुभम द्विवेदी के परिजनों से मुलाकात की। दिवंगत शुभम की पत्नी ऐशन्या राहुल को देखकर रोने लगीं।…