सामाजिक-राजनीतिक आंदोलनों से जुड़े हुए हैं प्रदर्शन कलाएँ और रंगमंच।

मजदूर वर्ग को आजाद कराने और स्थापित सत्ता के खिलाफ क्रांति को मज़बूत करने के लिए 20वीं सदी की शुरुआत में नुक्कड़ नाटक का विकास हुआ। इसकी शुरुआत मुख्य रूप से उपनिवेशवाद विरोधी युग के दौरान भारत में वामपंथी रंगमंच कार्यकर्ताओं द्वारा की गई थी। यद्यपि नुक्कड़ नाटक और लोक नाटक में कई समानताएँ हैं,…

भगदड़ से होने वाली मौतों का केंद्र बनता भारत?

आपात स्थिति में, एकल कमांड संरचना के तहत त्वरित प्रतिक्रिया टीमों को संयोजित करने से समन्वय में सुधार हो सकता है और प्रतिक्रिया समय में तेज़ी आ सकती है। रचनात्मक, तकनीक-संचालित रणनीति और गहन प्रशिक्षण के माध्यम से राष्‍ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण प्रोटोकॉल को बढ़ाने से भीड़ नियंत्रण में क्रांति आ सकती है। डेटा एनालिटिक्स,…

‘पेपर लीक’ देश में शिक्षा, परीक्षा में विसंगतियों का परिणाम : खान सर

‘‘निजी संस्थानों की फीस बहुत ज़्यादा होती है, इसलिए छात्र चाहते हैं कि उन्हें लाखों रुपए की फीस देने के बजाए लीक हुआ पेपर ही मिल जाए। भारत में शिक्षा इतनी महंगी है कि छात्र विदेशों की ओर रुख कर रहे हैं।”नई दिल्ली। (आवाज न्यूज ब्यूरो) बिहार में कोचिंग सेंटर चलाने वाले चर्चित “खान सर” ने…

क्या जघन्य अपराधियों की न सुनी जाये पैरोल की अर्ज़ी?

कैदियों की समय से पहले रिहाई से समाज को ख़तरा हो सकता है, खासकर तब जब वे बार-बार अपराध करते हों। हाल के वर्षों में, इस विचार में एक महत्त्वपूर्ण बदलाव आया है क्योंकि अमीर और शक्तिशाली वर्ग ने जेल में समय बिताने से बचने के लिए पैरोल का उपयोग करना शुरू कर दिया है।…

कन्नौज : बजट में पूरी तरह खाली रही कन्नौज की झोली

बृजेश चतुर्वेदी  कन्नौज।(आवाज न्यूज ब्यूरो)  सकल उत्तरापथ नाथ सम्राट हर्षवर्धन का राजधानी नगर रहा कन्नौज ध्यानाकर्षण के अभाव में फ़क़ीर की तरह झोली फैलाये खड़ा रहा किंतु राज्य की योगी सरकार के 9वे बजट में उसकी झोली खाली की खाली ही रही। सम्राट हर्ष का इतिहास बताता है कि वे महाकुम्भ में अपने सम्पूर्ण राजकोष…

साफ होनी चाहिए अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर दिमागी गंदगी? 

कानूनी कार्रवाई का मतलब सिर्फ व्यक्तियों को दंडित करना नहीं है; इसका उद्देश्य एक मिसाल कायम करना है कि कुछ चीजें स्वीकार्य नहीं हैं, चाहे लोग उन्हें कितना भी हास्यपूर्ण बताने की कोशिश करें। यदि वे सचमुच समाज को बेहतर बनाने के बारे में चिंतित हैं, तो उन्हें यह समझना चाहिए कि सांस्कृतिक पतन से…

शहीद को नम आंखों से दी गई श्रद्धांजलि

‘‘थाना मेरापुर के क्षेत्र दुल्लामई में पहुंचा शहीद का शव’’फर्रुखाबाद।(आवाज न्यूज ब्यूरो)  आज सुबह 71 इंजीनियर रेजीमेंट में शहीद सुनील कुमार जवान का शव आज सुबह 9ः00 बजे उनके गांव दुल्लामई में पहुंचा। शव के पहुंचते ही गांव में चीख पुकार मच गई, क्षेत्र के ग्रामीण आसपास के गांव के ग्रामीण सूचना मिलते ही गांव…

सामाजिक ताना-बाना बिखेर रहे नंगापन और रील्स के परिवेश

मॉडर्न परिवेश में जीवन का चरमसुख अब फॉलोअर्स पाने और कमेंट आने पर निर्भर हो गया है। फ़ेसबुक जैसे प्लेटफॉर्म पर नग्न अवस्था में तस्वीरें शेयर कर आज लड़कियाँ लाइक कमेंट पाकर ख़ुद को ऐसे अनुगृहित करती दिखाई देती है; मानो जीवन की सबसे अहम और ज़रूरी ऊंचाई को उन्होंने पा लिया हो। इस नग्नता…

डॉक्टर बनने के लिए क्यों देश छोड़ रहे भारतीय छात्र?

 (क्या शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर है या कुछ और?) घरेलू मेडिकल संस्थानों में उपलब्ध कुछ सीटों के लिए कड़ी प्रतिस्पर्धा और इस तथ्य के कारण कि कुछ देश बहुत कम ट्यूशन फीस देते हैं, भारतीय छात्र अक्सर विदेश में चिकित्सा शिक्षा प्राप्त करना चुनते हैं। इससे उन्हें अधिक किफायती लागत पर उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा…

शाम ए रहीस नाम : मुशायरा व कवि सम्मेलन में नामचीन शायरों की शायरी ने शमा बांधा 

फर्रुखाबाद। (आवाज न्यूज ब्यूरो) एक मुद्दत से अपने काम पे हूं जैसे जिंदा ही तेरे नाम से हूं इश्क का आखिरी मकाम है मौत और मैं आखिरी मकाम पर हूं, रुबीना अय्याज ने शेर पढ़कर मुशायरे की शुरूआत की।  शहर के मोहल्ला शमशेर खानी ग्राउंड पर एक शाम रहीस के नाम मुशायरा व कवि सम्मेलन…