जातीय नफरत की सर्कस : विवेकहीन समाज की एक त्रासदी

सदियों से भारतीय समाज जातीय भेदभाव की बेड़ियों में जकड़ा हुआ है। यह नफरत केवल सामाजिक संरचना को नहीं, बल्कि इंसान के विवेक और संवेदना को भी कुंद कर चुकी है। हर निर्णय, हर दृष्टिकोण, हर न्याय आज जाति के तराज़ू पर तोला जाता है। जब तक समाज जातीय पूर्वाग्रहों से मुक्त होकर न्याय-अन्याय के…

आईआरसीटीसी केस में लालू परिवार को बड़ा झटका : कोर्ट ने तय किए आरोप

‘‘लालू यादव ने खारिज किए सारे आरोप‘‘नई दिल्ली।(आवाज न्यूज ब्यूरो)। आईआरसीटीसी मामले में कथित आरोपी बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव, उनकी पत्नि राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव सहित अन्य आरोपी आज राऊज एवेन्यु कोर्ट में पेश हुए. स्पेशल जज विशाल गोगने सभी आरोपियों की मौजूदगी में आईआरसीटीसी और लैंड फ़ॉर जॉब मामले में…

गुरुहीन स्कूल, अधूरा भविष्य-  शिक्षा व्यवस्था पर संकट की दस्तक

हरियाणा के सरकारी स्कूलों में 12,000 से अधिक शिक्षक पद रिक्त हैं, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता बुरी तरह प्रभावित हो रही है। नूंह जैसे जिलों में एक शिक्षक पर 100 से अधिक बच्चों का बोझ है। सरकार की धीमी भर्ती प्रक्रिया और असमान पदस्थापन इस संकट को गहरा कर रहे हैं। शिक्षा नीति 2020 के…

भाजपा ने राज्यसभा चुनाव के लिए घोषित किए तीन उम्मीदवार

नई दिल्ली।(आवाज न्यूज ब्यूरो)। भारतीय जनता पार्टी ने आगामी राज्यसभा चुनावों के लिए जम्मू-कश्मीर से अपने तीन उम्मीदवारों के नामों की घोषणा कर दी है। इस सूची में एक मुस्लिम उम्मीदवार का नाम शामिल होना राजनीतिक विश्लेषकों के लिए खास चर्चा का विषय बन गया है।पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति द्वारा रविवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति…

हर राज्य में लागू हो मासिक धर्म अवकाश — महिला सम्मान का नया अध्याय

कर्नाटक सरकार द्वारा मासिक धर्म अवकाश नीति लागू करना एक सराहनीय और संवेदनशील पहल है। यह निर्णय महिलाओं के स्वास्थ्य, सम्मान और कार्यस्थल की समानता को नई दिशा देता है। मासिक धर्म के दौरान एक दिन का सवेतन अवकाश उन्हें शारीरिक राहत के साथ आत्मसम्मान की अनुभूति भी कराता है। अब आवश्यकता है कि यह…

नौकरशाही और राजनीतिक हुकूमत : सच बोलने का डर

(नौकरशाही में एक्सटेंशन संस्कृति)  सत्ता की छाया में नौकरशाही: हरियाणा का आईना और देश की हकीकत देश की नौकरशाही में एक्सटेंशन संस्कृति गंभीर समस्या बन चुकी है। वरिष्ठ अधिकारी सत्ता और राजनीतिक हाजिरी के आधार पर पदों पर टिके रहते हैं। हरियाणा के डीजीपी शत्रुजीत कपूर का मामला और आईपीएस पूरन कुमार की आत्महत्या यह…

त्योहारों का सेल्फ़ी ड्रामा

(त्योहार अब दिल से नहीं, डिस्प्ले से मनाए जाते हैं — हम अब त्योहारों से ज़्यादा अपनी तस्वीरें मना रहे हैं।)  अब त्योहार पूजा, मिलन और आत्मिक उल्लास का नहीं, बल्कि ‘कंटेंट’ का मौसम बन गए हैं। दीपक की लौ से ज़्यादा रोशनी अब मोबाइल की फ्लैश में दिखती है। भक्ति, व्रत और परंपराएँ अब…

जाति, ईर्ष्या और जीवन: नौकरशाही का स्याह पहलू

(एक गोली, पंद्रह नाम और खामोशी) (जाति-आधारित अपमान, साइड पोस्टिंग और मानसिक उत्पीड़न—अब एक अधिकारी की चुप्पी चीख़ जैसी है।) जब जाति इस गुटबाजी का हिस्सा बन जाती है, तो योग्यता, ईमानदारी और संवेदनशीलता, सब हाशिए पर चले जाते हैं। पूरन कुमार की मौत झूठी प्रतिष्ठा के इस तंत्र पर एक नैतिक छाया डालती है।…

बाज़ार के जहरीले आईने – जब लोग उपभोक्ता बन जाते हैं, इंसान नहीं

आज का समाज उपभोक्ता संस्कृति का गुलाम बन चुका है। लोग जरूरत के लिए नहीं, बल्कि दिखावे के लिए चीजें खरीद रहे हैं। मोबाइल फोन से लेकर कपड़ों तक, हर वस्तु अब पहचान और प्रतिष्ठा का प्रतीक बन गई है। “लोग क्या कहेंगे” के डर में लोग कर्ज में डूबते जा रहे हैं। असली जरूरतें…

प्रधानमंत्री मोदी ने जो बातें उन पर थोपी हैं, वे ‘पूरी तरह गलत’ हैं : पी चिदंबरम

नई दिल्ली।(आवाज न्यूज ब्यूरो)। कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी, जिसमें पीएम मोदी ने 2008 के मुंबई आतंकी हमलों के बाद तत्कालीन सरकार पर पाकिस्तान पर हमला न करने का आरोप लगाया था। पी. चिदंबरम ने कहा कि प्रधानमंत्री ने जो बातें उन पर…