‘‘श्रद्धा सुमन अर्पित करने पहुंचे सैनिक प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष केके यादव के साथ सैकड़ो पदाधिकारी’’
फर्रुखाबाद।(आवाज न्यूज ब्यूरो)। भारतीय सेना के जांबाज हवलदार शहीद कुलदीप यादव को श्रद्धा सुमन अर्पित करने सैनिक प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष केके यादव के नेत्रत्व में सैकड़ो पदाधिकारी पहुंचे। लेह में इलाज के दौरान उनके निधन की खबर मिलते ही परिवार और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
भारतीय सेना के जांबाज हवलदार शहीद कुलदीप यादव को श्रद्धा सुमन अर्पित करने सैनिक प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष केके यादव के नेत्रत्व में सैकड़ो पदाधिकारी पहुंचे। हवलदार कुलदीप यादव 872 लाइट रेजिमेंट तोपखाना, नासिक में तैनात थे। इन दिनों उनकी यूनिट लेह के ग्लेशियर क्षेत्र में पाकिस्तान सीमा के पास प्रशिक्षण ले रही थी। बताया गया कि 2 मार्च की दोपहर करीब ढाई बजे वह यूनिट ऑफिस में रिपोर्टिंग करने गए थे। वापस लौटते समय अचानक ग्लेशियर में दब गए। साथियों ने तुरंत सर्च ऑपरेशन चलाकर उन्हें बाहर निकाला और अस्पताल में भर्ती कराया। कुछ दिन इलाज के बाद स्वास्थ्य में सुधार हुआ, लेकिन बृहस्पतिवार को यूनिट ऑफिस के गेट पर पहुंचते ही वह अचानक बेहोश होकर गिर पड़े। सेना के अधिकारियों ने उन्हें तुरंत लेह के सैनिक अस्पताल में भर्ती कराया, जहां रात करीब 10ः30 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। घटना की सूचना रात करीब 11 बजे परिजनों को दी गई, जिसके बाद परिवार में कोहराम मच गया। शहीद कुलदीप यादव के परिवार में पिता महेंद्र सिंह यादव, माता गेंदा देवी, पत्नी प्रियंका यादव, पुत्री मन्नत और पुत्र राम हैं। वह सात भाइयों में चौथे नंबर के थे। बताया गया कि कुलदीप यादव वर्ष 2011 में फतेहगढ़ में हुई सेना भर्ती के माध्यम से भारतीय सेना में भर्ती हुए थे। देश की रक्षा के लिए वह लगातार कठिन परिस्थितियों में ड्यूटी कर रहे थे। सेना की ओर से जानकारी दी गई है कि शनिवार शाम तक शहीद का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव कलौली पहुंचने की उम्मीद है। गांव और आसपास के क्षेत्रों में लोगों का आना-जाना लगा है और हर कोई वीर जवान को श्रद्धांजलि दे रहा है। देश की रक्षा करते हुए शहीद हुए कुलदीप यादव की शहादत को देश हमेशा याद रखेगा।
शहीद कुलदीप यादव अमर रहे के नारों के साथ पूर्व सैनिकों ने दी आखिरी विदाई

