कन्नौज के चर्चित रेप कांड में सह आरोपी है पूजा
बृजेश चतुर्वेदी
कन्नौज। (आवाज न्यूज ब्यूरो)। चर्चित रेप कांड में पूर्व सपा नेता नवाब सिंह यादव की सहयोगी पूजा तोमर जेल से छूटने के बाद साध्वी बनकर रहने लगीं। कोर्ट में तारीख पर न पेश होने के कारण उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया गया। पुलिस ने उन्हें अरेस्ट कर कोर्ट में पेश किया, जहां उन्हें जिला जेल अनौगी भेजा गया।
चौधरी चंदन सिंह महाविद्यालय में 11 अगस्त 2024 को नाबालिग छात्रा के साथ रेप मामले में पूर्व सपा नेता नवाब सिंह यादव को अरेस्ट किया गया था। कांड में पूजा तोमर का नाम भी सामने आया, जो नवाब सिंह की सहयोगी और रेप मामले में आरोपी है। पूजा पर गैंगस्टर एक्ट और पॉक्सो एक्ट की कार्रवाई भी हुई थी। चार महीने जेल में रहने के बाद उन्हें गैंगस्टर और पॉक्सो मामलों में कोर्ट से जमानत मिल गई थी, जिसके बाद वह भूमिगत हो गई थीं।
कोर्ट में गैरहाजिरी पर वारंट जारी
सुनवाई के दौरान पूजा तोमर कोर्ट में कई तारीखों पर पेश नहीं हुईं। 8 से 10 तारीखों की सुनवाई में गैरहाजिरी के बाद पॉक्सो और गैंगस्टर कोर्ट ने उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिया। कन्नौज पुलिस ने उन्हें तलाश कर गिरफ्तार किया और 27 मार्च को जिला जेल अनौगी भेजा।
जमानत याचिका की अगली तारीख
पूजा तोमर की जमानत के लिए उनके वकील अभिषेक द्विवेदी ने गैंगस्टर और पॉक्सो कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। सुनवाई 2 अप्रैल को होने वाली थी, लेकिन कोर्ट ने इसे 6 अप्रैल के लिए स्थगित कर दिया। इससे उनकी मुश्किलें कम होती नजर नहीं आ रही हैं।
जेल से साध्वी बनने तक का सफर
अधिवक्ता अभिषेक द्विवेदी ने बताया कि जेल से छूटने के बाद पूजा तोमर ने प्रवज्ञा ले ली है और उनका पिंडदान भी हो चुका है। अब वह साध्वी बन गई हैं और पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जाने पर उन्हें साध्वी भेष में ही कोर्ट में पेश किया गया। इस नए किरदार को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं और जनता के बीच यह मामला चर्चा का विषय बन गया है।
क्या है मामला
कन्नौज के चर्चित नाबालिग रेप केस की आरोपी गैंगस्टर पूजा तोमर कोर्ट में साध्वी वेश में पेश हुई। लंबे समय से फरार चल रही पूजा को 27 मार्च को सहारनपुर से गिरफ्तार किया गया था। उसी दिन पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जिला जेल (अनौगी) भेज दिया गया।
हालांकि, पुलिस ने गैंगस्टर की पेशी की किसी को कानों-कान भनक तक नहीं लगने दी। लेकिन, एक हफ्ते बाद उसकी कुछ तस्वीरें सामने आईं। जिसमें वो भगवा वस्त्र पहने नजर आ रही है। पूजा रेप केस में मुख्य आरोपी सपा नेता नवाब सिंह यादव के साथ सह-आरोपी है।
इस बीच, पूजा ने फिर से कोर्ट में जमानत के लिए याचिका दाखिल की। इस पर 2 अप्रैल को सुनवाई होनी थी लेकिन, कोर्ट ने सुनवाई की नई तारीख 6 अप्रैल तय कर दी। पूजा के वकील अभिषेक द्विवेदी ने बताया- जेल से जमानत पर बाहर आने के बाद पूजा ने दीक्षा ले ली थी। उसका पिंडदान हो चुका है। अब वह साध्वी बन चुकी है।
पूजा तोमर को पहली बार 21 अगस्त 2024 को गिरफ्तार किया गया था। नवंबर 2024 में उसे जमानत मिल गई। जमानत की शर्तों के तहत उसे हर सुनवाई पर कोर्ट में पेश होना था, लेकिन वह फरार हो गई। 8-10 तारीखों पर एक बार भी हाजिर नहीं हुई। इस पर कोर्ट ने गैंगस्टर और पाक्सो एक्ट में गैर-जमानती वारंट जारी कर दिया। तब से पुलिस उसे तलाश रही थी।
यह मामला 11-12 अगस्त 2024 की रात का है। घटना कन्नौज के चौधरी चंदन सिंह डिग्री कॉलेज की है। यह कॉलेज पूर्व ब्लॉक प्रमुख और सपा नेता नवाब सिंह यादव का है। एक 15 साल की नाबालिग लड़की नौकरी मांगने वहां पहुंची थी। उसके साथ पूजा तोमर भी मौजूद थी। इसी दौरान पूजा टॉयलेट चली गई।
नवाब सिंह ने मौके का फायदा उठाकर नाबालिग के जबरदस्ती कपड़े उतरवाए और दरिंदगी कोशिश की। पीड़िता ने तुरंत डायल 112 को फोन कर सूचना दी। जब पुलिस कॉलेज पहुंची, तो आरोपी नवाब सिंह बेड पर लेटा था। लड़की के आधे शरीर पर कपड़े नहीं थे।
पुलिस ने तुरंत नवाब सिंह यादव को मौके से गिरफ्तार कर लिया। नाबालिग ने ही मामले में एफआईआर दर्ज कराई। 12 अगस्त 2024 को पुलिस ने नवाब को जेल भेज दिया। 13 अगस्त 2024 की शाम को कोर्ट में पीड़िता के बयान दर्ज हुए।
पुलिस ने एफआईआर में रेप की धाराओं को बढ़ाया
नवाब सिंह यादव के खिलाफ पास्को एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। 21 अगस्त 2024 को पुलिस ने पूजा तोमर को गिरफ्तार कर लिया। पूजा तोमर और नवाब सिंह यादव के भाई नीलू यादव को साक्ष्य छुपाने और आरोपी की मदद करने के आरोप लगे। इसके बाद दोनों को जेल भेज दिया गया। इसके बाद नवंबर 2024 में उसे जमानत मिल गई। इसके बाद वह फरार हो गई।
कोर्ट में पेश न होने पर गैर जमानती वारंट, दो साल बाद गिरफ्तारी
कोर्ट में पेश न होने पर गैंगस्टर एक्ट और पाक्सो एक्ट में पूजा के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिया। कोर्ट ने उसकी गिरफ्तारी के आदेश दिए। करीब दो साल की फरारी के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

