फर्रूखाबाद डीएम डॉ. अंकुर लाठर बनी बुजुर्ग मां के लिए सहारा : दफ्तर के बाहर पहुंच लिया संज्ञान

फर्रुखाबाद।(आवाज न्यूज ब्यूरो)।   जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने एक वृद्ध मां की पीड़ा को सुनने के लिए उसी के पास पहुंच गई और बात सुनकर मौके पर ही मौजूद संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश देकर त्वरित समाधान सुनिश्चित करने को कहा।
बताया जा रहा है कि बुजुर्ग महिला कई दिनों से अपनी समस्या लेकर इधर-उधर भटक रही थी। उम्र के इस पड़ाव पर जहां सहारे की सबसे ज्यादा जरूरत होती है, वहां उसे सिर्फ निराशा ही मिल रही थी। थकी हारी जब वह जिलाधिकारी कार्यालय पहुंची, तो शायद उसे भी उम्मीद नहीं थी कि उसकी आवाज सीधे उस अधिकारी तक पहुंचेगी जो अक्सर फाइलों और बैठकों में घिरा रहता है। लेकिन जैसे ही उसकी बात डॉ. अंकुर लाठर तक पहुंची, पूरा माहौल बदल गया। डीएम ने न केवल उसे बैठाकर धैर्यपूर्वक उसकी पूरी बात सुनी, बल्कि मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश देकर त्वरित समाधान सुनिश्चित कराया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, उस वक्त वहां मौजूद कई लोग भावुक हो उठे। एक वृद्ध मां की आंखों में छलकते आंसू, जो दर्द के नहीं बल्कि राहत और कृतज्ञता के थे,यह दृश्य प्रशासनिक गलियारों में विरले ही देखने को मिलता है। आज जब अक्सर प्रशासन पर संवेदनहीनता के आरोप लगते हैं, ऐसे में यह घटना एक मजबूत संदेश देती है कि व्यवस्था में अब भी ऐसे चेहरे मौजूद हैं, जो सिर्फ पद नहीं बल्कि जिम्मेदारी को समझते हैं। यह घटना सिर्फ एक समस्या के समाधान की कहानी नहीं है, बल्कि यह उस सोच का प्रतीक है जिसमें एक अधिकारी अपने पद को सेवा का माध्यम मानता है, सत्ता का नहीं। फर्रुखाबाद की यह घटना बताती है कि बदलाव सिर्फ नीतियों से नहीं, नीयत से आता है। जब कुर्सी पर बैठा व्यक्ति इंसानियत को प्राथमिकता देता है, तो व्यवस्था खुद-ब-खुद मानवीय हो जाती है। इस संवेदनशील पहल ने न सिर्फ एक वृद्ध मां को राहत दी, बल्कि पूरे जिले को यह भरोसा भी दिलाया कि “सरकार” सिर्फ एक तंत्र नहीं, बल्कि एक संवेदनशील हाथ भी हो सकती।