लखनऊ : ग्राम प्रधानों को प्रशासक बनाने पर रोक नहीं

सरकार पंचायत चुनाव के लिए पूरी तरह तैयार, कोर्ट ने मांगी डेट

बृजेश चतुर्वेदी

लखनऊ।(आवाज न्यूज़ ब्यूरो )।  इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने यूपी सरकार द्वारा ग्राम प्रधानों को ही प्रशासक बनाने के सकारात्मक फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर सरकार से पंचायत चुनाव की तारीखें पूछी हैं, जिस पर सरकार ने जल्द घोषणा करने की बात कही है।

उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव की तारीखों को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने सरकार से स्पष्ट रोडमैप मांगा है। कोर्ट ने सरकार से पूछा है कि वह पंचायत चुनाव की तारीखें कब घोषित करेगी। यह निर्देश एक याचिका पर सुनवाई के दौरान आया, जिसमें ग्राम पंचायत का कार्यकाल खत्म होने के बाद ग्राम प्रधानों को ही प्रशासक बनाने के सरकार के फैसले को चुनौती दी गई थी।

हालांकि, कोर्ट ने सरकार के इस फैसले पर कोई रोक नहीं लगाई है, जो सरकार के लिए एक बड़ी राहत है। सरकार का दृष्टिकोण इस मामले में पूरी तरह सकारात्मक है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि जब तक चुनाव नहीं हो जाते, तब तक गांवों के विकास कार्यों को जारी रखने के लिए ग्राम प्रधानों को प्रशासक बनाना एक अंतरिम और आवश्यक व्यवस्था है। साथ ही राज्य हाई कोर्ट ने सरकार को पिछड़ा वर्ग आरक्षण से जुड़ी आयोग की रिपोर्ट 10 जुलाई तक पेश करने का निर्देश दिया है।

यूपी सरकार ने पंचायत चुनाव कराने के लिए अपनी गंभीरता जाहिर की है। कोर्ट में सरकार की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, चुनाव की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। वार्ड आरक्षण और मतदाता सूची को अपडेट करने का काम तेजी से चल रहा है। इस बीच, सरकार ने ग्राम प्रधानों को प्रशासक बनाकर गांवों के विकास कार्यों को जारी रखने के लिए कदम उठाया है।

सरकार का मानना है कि चुनाव की प्रक्रिया में समय लग सकता है, और इस दौरान गांवों के विकास कार्य नहीं रुकने चाहिए। ग्राम प्रधानों को प्रशासक बनाकर सरकार ने विकास को प्राथमिकता दी है, जिससे गांवों में चल रही कल्याणकारी योजनाओं पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

सरकार की अंतरिम व्यवस्था पर नहीं लगाई रोक

हाईकोर्ट ने सरकार द्वारा ग्राम प्रधानों को प्रशासक बनाने के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए कोई अंतरिम रोक नहीं लगाई है। कोर्ट ने केवल सरकार से पंचायत चुनाव की तारीखें पूछी हैं, जो एक सामान्य कानूनी प्रक्रिया है। इससे सरकार के इस सकारात्मक फैसले को एक बड़ी विधिक मान्यता मिली है।

हाईकोर्ट के इस रुख से सरकार का पक्ष मजबूत हुआ है और यह साबित हुआ है कि गांवों के विकास के लिए सरकार ने एक सही निर्णय लिया है। कोर्ट भी जल्द चुनाव चाहता है, और सरकार भी यही चाहती है। सरकार ने कोर्ट को बताया है कि ये तैयार हैं और जल्द ही चुनाव की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

सरकार पंचायत चुनाव के लिए पूरी तरह तैयार

उत्तर प्रदेश सरकार पंचायत चुनाव के लिए पूरी तरह तैयार है। इस बीच, सरकार ने ग्राम प्रधानों को प्रशासक बनाकर गांवों के विकास कार्यों को जारी रखने का एक सकारात्मक संदेश दिया है। सरकार का दृष्टिकोण हमेशा से गांवों के विकास और किसानों के कल्याण को प्राथमिकता देने वाला रहा है। इस फैसले से गांवों में चल रहे विकास कार्यों को गति मिलेगी और चुनाव की प्रक्रिया भी सुचारू रूप से संपन्न होगी।