कन्नौज: एपीसी ने सुगंध और अतर की संभावनाओं को तलाशा

उद्यमिता संवर्धन एवं औद्योगिक प्रगति को नई गति देने पर दिया बल

बृजेश चतुर्वेदी

कन्नौज।(आवाज न्यूज़ ब्यूरो )। उत्तर प्रदेश के कृषि उत्पादन आयुक्त एवं आईआईडीसी दीपक कुमार ने जनपद के भ्रमण के दौरान विशिष्ट पहचान माने जाने वाले सुगंध, इत्र एवं एसेन्शियल ऑयल उद्योग से जुड़ी गतिविधियों का स्थलीय निरीक्षण कर औद्योगिक विकास, नवाचार, कौशल संवर्धन एवं उद्यमिता प्रोत्साहन के प्रयासों की जानकारी ली।

भ्रमण कार्यक्रम के अंतर्गत सर्वप्रथम कृषि उत्पादन आयुक्त ने फ्रेगरेंस एंड फ्लेवर डेवलपमेंट सेंटर (एफएफडीसी) का निरीक्षण किया। इस दौरान प्रधान निदेशक एफएफडीसी शक्ति विनय शुक्ला द्वारा संस्थान में संचालित प्रशिक्षण कार्यक्रमों, अनुसंधान एवं विकास गतिविधियों, तकनीकी नवाचारों तथा उद्यमियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की गई। कृषि उत्पादन आयुक्त ने एफएफडीसी द्वारा सुगंध एवं फ्लेवर उद्योग को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए इसे स्थानीय उद्यमियों के लिए एक महत्वपूर्ण सहयोगी संस्थान बताया।

इसके उपरांत उन्होंने औद्योगिक आस्थान स्थित मेसर्स एस.ए. एसेन्शियल ऑयल डिस्टिलरी का भ्रमण किया। इकाई स्वामी अनूप कनौजिया ने एसेन्शियल ऑयल के उत्पादन, प्रसंस्करण, गुणवत्ता नियंत्रण एवं विपणन संबंधी प्रक्रियाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने आधुनिक तकनीकों के उपयोग, उत्पादों की गुणवत्ता एवं निर्यात संभावनाओं से भी अवगत कराया। कृषि उत्पादन आयुक्त ने स्थानीय संसाधनों पर आधारित उद्योगों की प्रगति को प्रदेश की आर्थिक सुदृढ़ता के लिए महत्वपूर्ण बताया।

भ्रमण के अगले चरण में मेसर्स पाठक परफ्यूमर्स का निरीक्षण किया गया, जहां वैभव पाठक ने विश्वविख्यात कन्नौजी इत्र की ऐतिहासिक विरासत, पारंपरिक ‘देग-भापका’ विधि तथा प्राकृतिक सुगंध उत्पादों के निर्माण की विशिष्ट प्रक्रिया का प्रदर्शन किया। कृषि उत्पादन आयुक्त ने कहा कि कन्नौज का इत्र उद्योग केवल एक व्यवसाय नहीं, बल्कि प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर और गौरवशाली पहचान है। उन्होंने इसके संरक्षण, संवर्धन एवं वैश्विक ब्रांडिंग के लिए निरंतर प्रयास किए जाने पर बल दिया।

इस अवसर पर उपायुक्त उद्योग प्रेमकान्त ने जनपद में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने, नए उद्यम स्थापित कराने तथा युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने हेतु विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं एवं पहल की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उद्योग विभाग द्वारा उद्यमियों को वित्तीय, तकनीकी एवं विपणन संबंधी सहायता उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं।

भ्रमण एवं समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान, एक जनपद एक उत्पाद (ओडीओपी) तथा एक जनपद एक व्यंजन जैसी महत्वाकांक्षी योजनाओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई। कृषि उत्पादन आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि अधिकाधिक युवाओं, कारीगरों एवं उद्यमियों को इन योजनाओं से जोड़कर आत्मनिर्भरता, स्वरोजगार एवं औद्योगिक विकास को नई दिशा प्रदान की जाए।

इस अवसर पर जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री, प्रधान निदेशक एफएफडीसी  शक्ति विनय शुक्ला, उपायुक्त उद्योग प्रेमकान्त, उद्यमी मित्र शुभम प्रताप सिंह सहित अन्य अधिकारी एवं उद्यमी उपस्थित रहे।