आवेदन प्रक्रिया में किसी प्रकार की लापरवाही न हो : सीडीओ
बृजेश चतुर्वेदी
कन्नौज।(आवाज न्यूज़ ब्यूरो)। मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र कुमार श्रीवास की अध्यक्षता में विकास भवन हर्षवर्धन सभागार में कक्षा 9-10 एवं कक्षा 11-12 के समस्त शिक्षण संस्थानों के छात्रवृत्ति नोडल अधिकारियों एवं प्रधानाचार्यों की कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला का उद्देश्य वित्तीय वर्ष/शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजनाओं का समयबद्ध एवं पारदर्शी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना रहा।
मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप जनपद का कोई भी पात्र छात्र-छात्रा छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति के लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने सभी प्रधानाचार्यों एवं नोडल अधिकारियों को निर्देशित किया कि छात्रवृत्ति आवेदन प्रक्रिया को पूरी गंभीरता, पारदर्शिता एवं उत्तरदायित्व के साथ संपन्न कराएं तथा प्रत्येक पात्र विद्यार्थी तक योजना की जानकारी पहुंचाकर अधिकतम आवेदन सुनिश्चित करें।
कार्यशाला में अवगत कराया गया कि पूर्वदशम छात्रवृत्ति (कक्षा 9-10) एवं दशमोत्तर छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति (कक्षा 11-12) योजनाओं के अंतर्गत उत्तर प्रदेश के मूल निवासी अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, सामान्य वर्ग एवं अल्पसंख्यक वर्ग के पात्र छात्र-छात्राओं को शासन द्वारा निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार छात्रवृत्ति (शैक्षणिक भत्ता) एवं शुल्क प्रतिपूर्ति का लाभ प्रदान किया जाएगा।
मुख्य विकास अधिकारी ने निर्देश दिए कि 22 जुलाई 2026 से 05 अगस्त 2026 तक छात्रवृत्ति पोर्टल पर प्रत्येक विद्यालय अपनी प्रोफाइल का लॉक/अपडेट कार्य अनिवार्य रूप से पूर्ण कराए तथा पात्र छात्र-छात्राओं के आवेदन समयबद्ध रूप से भरवाकर उनका सत्यापन भी निर्धारित अवधि में सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि आवेदन प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की त्रुटि या विलंब के लिए संबंधित संस्था एवं नोडल अधिकारी उत्तरदायी होंगे।
उन्होंने सभी विद्यालयों से अपेक्षा की कि छात्रवृत्ति योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, जिससे कोई भी पात्र विद्यार्थी जानकारी के अभाव में आवेदन से वंचित न रह जाए। साथ ही आवेदन पत्रों एवं अभिलेखों का सावधानीपूर्वक परीक्षण करते हुए शत-प्रतिशत पात्र छात्रों को योजना का लाभ दिलाना सुनिश्चित किया जाए।
कार्यशाला में जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय के प्रतिनिधियों, छात्रवृत्ति से संबंधित विभागीय अधिकारियों, विभिन्न शिक्षण संस्थानों के प्रधानाचार्यों, छात्रवृत्ति नोडल अधिकारियों एवं विद्यालय प्रतिनिधियों ने प्रतिभाग किया।

