50 साल पुराना आश्रम, फिर भी बिजली से महरूम!

साध्वी माया गिरि ने डीएम कार्यालय पहुंचकर लगाई गुहार, 2021 से अफसरों के चक्कर काटने का दावा
कायमगंज/फर्रुखाबाद।(आवाज न्यूज़ ब्यूरो)।
तहसील कायमगंज क्षेत्र के गांव भटासा स्थित ब्रह्मदेव आश्रम में पिछले करीब 50 वर्षों से धार्मिक गतिविधियां और वार्षिक मेला आयोजित होता आ रहा है, लेकिन हैरानी की बात यह है कि आज तक आश्रम तक विद्युत लाइन नहीं पहुंच सकी। बिजली की मांग को लेकर महिला साध्वी माया गिरि शनिवार को जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचीं और प्रशासन से आश्रम में विद्युत लाइन डलवाने की गुहार लगाई।
साध्वी माया गिरि ने बताया कि वह ब्रह्मदेव आश्रम में रहकर पूजा-अर्चना और सत्संग करती हैं। आश्रम में प्रत्येक वर्ष मेला आयोजित होने के साथ ही विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान और छोटे-बड़े धार्मिक कार्यक्रम होते हैं। दूर-दराज से संत-महात्माओं और श्रद्धालुओं का यहां आना-जाना रहता है। इसके बावजूद आश्रम आज भी बिजली जैसी मूलभूत सुविधा से वंचित है।
2021 से प्रार्थना पत्र, लेकिन नहीं हुआ समाधान
साध्वी का कहना है कि उन्होंने वर्ष 2021 से लगातार अधिकारियों को प्रार्थना पत्र देकर आश्रम में विद्युत लाइन डलवाने की मांग की, लेकिन अभी तक समस्या का समाधान नहीं हुआ। उनका आरोप है कि वह इस मामले को लेकर जनप्रतिनिधियों से भी संपर्क कर चुकी हैं।
साध्वी के अनुसार उन्होंने तत्कालीन सांसद मुकेश राजपूत से भी मुलाकात की थी। वहीं वर्तमान क्षेत्रीय विधायक डॉ. सुरभि की ससुराल भी इसी गांव में होने का हवाला देते हुए उनसे संपर्क करने की बात कही, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है।
चार बार चोरी, अंधेरे में आश्रम की सुरक्षा पर सवाल
बिजली न होने से आश्रम की सुरक्षा व्यवस्था भी सवालों के घेरे में है। साध्वी के मुताबिक आश्रम में अब तक चार बार चोरी की घटनाएं हो चुकी हैं। उनका कहना है कि यदि आश्रम में विद्युत लाइन पहुंचती है तो न केवल धार्मिक स्थल का विकास होगा, बल्कि रोशनी होने से सुरक्षा व्यवस्था भी मजबूत होगी और चोरी जैसी घटनाओं पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।
अब डीएम से आस, क्या दूर होगा 50 साल का अंधेरा?
साध्वी माया गिरि ने अब जिलाधिकारी लाठर से उम्मीद जताई है कि महिला जिलाधिकारी होने के नाते वह उनकी समस्या को गंभीरता से लेंगी और ब्रह्मदेव आश्रम तक विद्युत लाइन पहुंचाने के लिए संबंधित विभाग को निर्देश देंगी।
साध्वी ने विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि बिना रिश्वत दिए विभाग में सुनवाई नहीं होती। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
अब सवाल यह है कि पांच दशक से धार्मिक आस्था का केंद्र बने ब्रह्मदेव आश्रम को बिजली के लिए आखिर कब तक अधिकारियों के दरवाजे खटखटाने पड़ेंगे? क्या जिलाधिकारी के हस्तक्षेप के बाद आश्रम में रोशनी पहुंचेगी या फिर साध्वी की फरियाद भी सरकारी फाइलों में दबकर रह जाएगी?