टीबी मरीजों की पहचान, जांच, उपचार एवं फॉलोअप में वालंटियर्स निभाएंगे सक्रिय भूमिका
बृजेश चतुर्वेदी
कन्नौज।(आवाज न्यूज ब्यूरो) । भारत सरकार द्वारा नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित कार्यक्रम के माध्यम से अभियान का शुभारंभ किया गया। जनपद स्तर पर टीबी मुक्त भारत अभियान को जन-आंदोलन का स्वरूप देने तथा जनपद को टीबी मुक्त बनाने के संकल्प को और गति प्रदान करने के उद्देश्य से ‘टीबी मुक्त भारत अभियान–जोश टीम’ का शुभारंभ प्रदेश सरकार के समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण द्वारा विकास भवन हर्षवर्धन सभागार में किया गय।
वर्ष 2030 तक देश को टीबी मुक्त बनाने का संकल्प
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यमंत्री असीम अरुण ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2030 तक भारत को टीबी मुक्त बनाने का संकल्प लिया गया है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए सरकार के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों, स्वास्थ्यकर्मियों, स्वयंसेवी संस्थाओं एवं आमजन की सक्रिय भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के प्रयासों से अब जनप्रतिनिधियों एवं वालंटियर्स को भी टीबी उन्मूलन अभियान से जोड़ा जा रहा है। जनपद कन्नौज में भी टीबी मुक्त अभियान को सफल बनाने के लिए सभी को पूरी प्रतिबद्धता एवं टीम भावना के साथ कार्य करना होगा।
उन्होंने बताया कि जनपद में पिछले वर्ष 64 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित किया जा चुका है। उन्होंने उपस्थित जनप्रतिनिधियों से अपील की कि टीबी उन्मूलन के इस अभियान में पूर्ण सहयोग प्रदान करते हुए अपने-अपने क्षेत्रों में लोगों को जागरूक करें तथा संभावित टीबी मरीजों को जांच एवं उपचार के लिए प्रेरित करें।
ग्राम स्तर तक पहुंचेगी टीबी उन्मूलन की मुहिम
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विकास चंद्रा ने बताया कि जनपद स्तर पर जोश टीम का गठन किया गया है, जिसमें जिलाधिकारी के मार्गदर्शन एवं नेतृत्व में जनपद को टीबी मुक्त बनाने के लिए प्रभावी गतिविधियां संचालित की जाएंगी। ब्लॉक स्तर पर भी जोश टीमों का गठन किया गया है, जिन्हें टीबी उन्मूलन अभियान को गांव-गांव तक पहुंचाने की जिम्मेदारी दी गई है।
उन्होंने बताया कि टीम के सदस्यों द्वारा टीबी के संभावित मरीजों की पहचान कर उन्हें जांच के लिए प्रेरित किया जाएगा। साथ ही टीबी मरीजों की जांच, उपचार, पोषण एवं फॉलोअप में सहयोग करते हुए अभियान का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा।
वालंटियर्स को उपलब्ध कराई गई आवश्यक सामग्री
डॉ. शरत कुमार, डिप्टी डीटीओ ने बताया कि जोश टीम से जुड़े वालंटियर्स को क्षेत्र में जाकर टीबी मरीजों एवं संभावित मरीजों तक पहुंचने, उन्हें जांच के लिए भेजने, जागरूकता कार्यक्रम संचालित करने तथा उपचार एवं फॉलोअप में सहयोग करने के लिए प्रशिक्षित एवं प्रेरित किया जा रहा है।
कार्यक्रम के दौरान पांच जोश टीमों को किट प्रदान की गईं, जिनमें बैग, टी-शर्ट, गाइडलाइन, डायरी आदि आवश्यक सामग्री शामिल है। इससे टीम के सदस्य क्षेत्र में व्यवस्थित एवं प्रभावी ढंग से अपनी गतिविधियों को संचालित कर सकेंगे।
10 टीबी मरीजों को प्रदान की गई पोषण सामग्री
कार्यक्रम के दौरान प्रांतीय महासचिव, इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी उत्तर प्रदेश एवं अन्य जनप्रतिनिधियों तथा अधिकारियों द्वारा 10 टीबी मरीजों को पोषण सामग्री वितरित की गई। इसके साथ ही टीबी मुक्त भारत के संकल्प को साकार करने के लिए उपस्थित लोगों को टीबी उन्मूलन की शपथ भी दिलाई गई। कार्यक्रम का संचालन श्री वाई.के. मंजुल द्वारा किया गया।
इस अवसर पर क्षेत्रीय मंत्री रामवीर कटेरिया, जिला अध्यक्ष विश्व हिंदू परिषद अनुभव कटियार, मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र कुमार श्रीवास, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विकास चंद्रा, डॉ. रामानंद कटियार, प्रांतीय महासचिव इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी उत्तर प्रदेश राम अवतार पीडी, मायाकांत कटियार, डॉ. अमित दुबे, डॉ. ब्रजेश शुक्ला, डॉ. महेंद्रभान, डॉ. अजहर सिद्दीकी, डॉ. इरशाद अहमद, डॉ. अशोक सविता, अजहर हसन, डीईओ, रंजीत डीपीसी सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, जन प्रतिनिधिगण एवं बड़ी संख्या में जनमानस उपस्थित रहा।
