नई दिल्ली।(आवाज न्यूज ब्यूरो) । कॉकरोच जनता पार्टी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि नरेंद्र मोदी सरकार जेन-जी से डर गई है। सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि शनिवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन से पहले बीजेपी शासित राज्यों में पार्टी के वॉलंटियर्स को हिरासत में लिया जा रहा है। जंतर मंतर के विरोध प्रदर्शन से पहले दास ने कहा, देश में आपातकाल जैसे हालात हैं, दिल्ली को किले में बदल दिया गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक राजधानी में करीब 23,000 से 26,000 के करीब सुरक्षा बल और जवान तैनात किए गए हैं। गृह मंत्रालय ने दिल्ली पुलिस की मदद के लिए केंद्रीय बलों की कुल 221 कंपनियां तैनात की हैं।
ये आरोप ऐसे समय में लगाए गए हैं जब प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन को देखते हुए राष्ट्रीय राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। दिल्ली पुलिस ने 10 अक्टूबर के विरोध प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। पुलिस ने इसके लिए कम समय की सूचना, निर्देशों का पहले पालन न करने और सार्वजनिक सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और ट्रैफिक मैनेजमेंट से जुड़ी चिंताओं का हवाला दिया है। दिल्ली पुलिस ने नई दिल्ली के इलाके में इंटरनेट पर भी पाबंदी लगा दी है।
सारी तैयारियां कम पड़ जाएंगी
सौरव दास ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया है कि कॉकरोचों और आंदोलनकारियों को रोकने की सरकार की सारी तैयारियां कम पड़ जाएंगी। एक न्यूज रिपोर्ट को साझा करते हुए दास ने ये दावा किया है। उस रिपोर्ट में कहा गया है कि दिल्ली पुलिस ने दिल्ली के 37 एंट्री प्वाइंट्स पर नाकेबंदी बढ़ा दी है, ताकि दूसरे राज्यों से आने वालों को रोका जा सके। इसके अलावा शहर में कुल 15 डिटेंशन सेंटर बनाए हैं, जहां प्रदर्शनकारियों को हिरासत में रखने की योजना है। इसके अलावा दिल्ली पुलिस ने दिल्ली मेट्रो के 57 स्टेशनों को बंद कर दिया है। रेलवे ने भी नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन आने वाली ट्रेनों को रद्द कर दिया है।
सुबह 10 बजे जंतर-मंतर पर जुटने की अपील
सीजेपी ने कहा है कि शनिवार 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर सुबह 10 बजे से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू किया जाएगा। पार्टी ने इसके लिए पोस्टर जारी कर लोगों से सुबह 10 बजे जंतर-मंतर पर जुटने की अपील की है। दरअसल, सीजेपी एसआईआर के मुद्दे पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की बर्खास्तगी और चुनावी सुधारों की मांग कर रही है। पार्टी ने मतदाता सूची के श्विशेष गहन संशोधनश् में गड़बड़ी के आरोप लगाए हैं। पार्टी ने पहले ही घोषणा की थी कि अगर ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते हैं तो वे लोग विरोध प्रदर्शन करेंगे।
कौन-कौन दे रहा समर्थन?
इस प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन को कई संगठनों ने समर्थन देने का ऐलान किया है। इसमें सबसे अहम ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन,स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन शामिल हैं। आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भी कहा है कि वह सपरिवार इस आंदोलन में शामिल होंगे।
सीजेपी प्रदर्शन को लेकर दिल्ली में आपातकाल जैसे हालात: डर गई सरकार,कम पड़ जाएगी आपकी तैयारी: सौरव दास
