सपा कार्यकर्ताओं में एफआईआर को लेकर उभरी नाराजगी, युवा नेताओं के नाम मुकदमें पर उठाए सवाल

फर्रुखाबाद।(आवाज न्यूज ब्यूरो) । मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला फूंकने के मामले में समाजवादी पार्टी के युवा नेताओं के खिलाफ दर्ज एफआईआर को लेकर पार्टी के भीतर नाराजगी सामने आई है। आवास विकास स्थित सपा जिला कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान कार्यकर्ताओं ने मुकदमे में केवल युवा नेताओं के नाम शामिल किए जाने पर सवाल उठाए। जिलाध्यक्ष चंद्रपाल सिंह यादव की मौजूदगी में कार्यकर्ताओं ने अपनी आपत्ति जाहिर करते हुए इसे युवाओं का मनोबल गिराने वाला कदम बताया।जिला कार्यालय में सबसे पहले कांशीराम परिनिर्माण दिवस मनाया गया । इसके बाद पुतला दहन के मामले में दर्ज मुकदमे को लेकर चर्चा शुरू हुई। कार्यकर्ताओं का कहना था कि मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला फूंकने का निर्णय पार्टी स्तर पर लिया गया था। ऐसे में एफआईआर में केवल युवा नेताओं के नाम दर्ज होना उचित नहीं है। उन्होंने सवाल किया कि जब कार्यक्रम सामूहिक रूप से किया गया था तो मुकदमे में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के नाम क्यों शामिल नहीं किए गए। कार्यकर्ताओं ने जिलाध्यक्ष के सामने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि इस तरह की कार्रवाई से युवाओं का मनोबल प्रभावित होता है। उन्होंने मांग की कि पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर मामले में स्थिति स्पष्ट की जाए। कार्यकर्ताओं का कहना था कि यदि कार्रवाई की गई है तो सभी संबंधित लोगों के संबंध में समान दृष्टिकोण अपनाया जाना चाहिए। उन्होंने मुकदमे में दर्ज नामों को लेकर निष्पक्षता बरते जाने की मांग भी उठाई।एसपी से मुलाकात करेगा सपा का प्रतिनिधिमंडल बैठक में इस मुद्दे को पुलिस अधिकारियों के सामने उठाने पर सहमति बनी। तय किया गया कि समाजवादी पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल पुलिस अधीक्षक आरती सिंह से मुलाकात करेगा। प्रतिनिधिमंडल एफआईआर में केवल युवा नेताओं के नाम दर्ज किए जाने पर अपनी आपत्ति रखेगा और मामले में उचित कार्रवाई की मांग करेगा। इस दौरान पूर्व विधायक उर्मिला राजपूत, पूर्व मंत्री सर्वेश अम्बेडकर, पूर्व राष्ट्रीय सचिव विवेक यादव, कोषाध्यक्ष ओम प्रकाश शर्मा, रोमित सक्सेना, शशांक सक्सेना, पुष्पेंद्र यादव, सिराजुल अफाक, मुन्ना, सौरभ कटियार, जितेंद्र सिंह यादव सिरौली, बंटी यादव, रामपाल सिंह यादव, उदय प्रताप सिंह, भोला यादव, नरेंद्र सिंह यादव, अशोक अंबेडकर, शाहरुख खान, शिव शंकर शर्मा, शिवम पटेल, सुखराम पाल, विनीत परमार, नदीम नफीस, प्रावधान, अरविंद कुशवाहा, मनोज यादव, बिल्लू श्रीवास्तव, आयुष यादव, इरफान सिद्दीकी और राजपाल यादव सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।