खान सर की ऐतिहासिक पहल : 7 रुपए में ब्लड टेस्ट और 25 में ईसीजी ‘‘खान सर ने खोला देश का सबसे सस्ता अस्पताल’’

नई दिल्ली। (आवाज न्यूज ब्यूरो)। बिहार की राजधानी पटना के अशोक राजपथ पर इन दिनों एक अलग ही हलचल है। यह हलचल किसी कोचिंग संस्थान के बाहर नहीं, बल्कि एक पांच मंजिला आधुनिक अस्पताल के बाहर है। मशहूर शिक्षक खान सर द्वारा स्थापित ’खान हेल्थ केयर’ ने स्वास्थ्य सेवाओं के बाजार में एक क्रांतिकारी बदलाव…

खेजड़ी कटेगी तो थार सूखेगा

डॉ० सत्यवान सौरभ नई दिल्ली। (आवाज न्यूज ब्यूरो)। राजस्थान का थार मरुस्थल केवल रेत का विस्तार नहीं है, बल्कि यह एक जटिल और संवेदनशील पारिस्थितिकी तंत्र है, जिसकी जीवनरेखा खेजड़ी (Prosopis cineraria) जैसे देशज वृक्षों से जुड़ी है। हाल के वर्षों में पश्चिमी राजस्थान—विशेषकर जोधपुर, बाड़मेर, नागौर और बीकानेर—में सौर ऊर्जा परियोजनाओं के तीव्र विस्तार…

जेपी दलाल जन्मदिन विशेष : लोहारू के लाल, हरियाणा के गौरव

– डॉ० सत्यवान सौरभ नई दिल्ली। (आवाज न्यूज ब्यूरो)। आज, 8 फरवरी 2026 को हरियाणा सरकार के पूर्व वित्त मंत्री श्री जयप्रकाश दलाल का 70वां जन्मदिन है। यह अवसर केवल एक राजनेता के जन्मदिवस का नहीं, बल्कि उस जनसेवक के जीवन और कार्यों को स्मरण करने का है, जिसने लोहारू जैसे शुष्क और उपेक्षित क्षेत्र…

मेलों में मौत के झूले: खुशी के टिकट पर बिकती ज़िंदगी

-डॉ० प्रियंका सौरभ नई दिल्ली। (आवाज न्यूज ब्यूरो)। हरियाणा के सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय मेले में झूला टूटने की घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि हमारे यहाँ मनोरंजन भी जान जोखिम में डालकर ही किया जाता है। जिस मेले को संस्कृति, कला और पर्यटन का उत्सव कहा जाता है, वही मेला एक पल में चीखों,…

दिल्ली : राजधानी या लापता होती ज़िंदगियों का शहर?

-डॉ० सत्यवान सौरभ नई दिल्ली। (आवाज न्यूज ब्यूरो) देश की राजधानी दिल्ली को अक्सर सत्ता, सुरक्षा और आधुनिकता का प्रतीक बताया जाता है। ऊँची इमारतें, स्मार्ट सिटी के दावे, चौबीसों घंटे निगरानी के कैमरे और दुनिया की सबसे बड़ी पुलिस व्यवस्थाओं में से एक—ये सब मिलकर यह भरोसा दिलाते हैं कि दिल्ली सुरक्षित है। लेकिन वर्ष…

जाति, न्याय और लोकतंत्र : एक असहज सच्चाई

 – डॉ. प्रियंका सौरभ नई दिल्ली।(आवाज न्यूज ब्यूरो) भारत का लोकतंत्र केवल एक शासन प्रणाली नहीं, बल्कि एक नैतिक संकल्प है—समानता, न्याय और बंधुत्व का। संविधान की प्रस्तावना इसी संकल्प का उद्घोष करती है। परंतु आज जब हम अपने चारों ओर देखते हैं, तो यह प्रश्न असहज रूप से सामने खड़ा होता है कि क्या हम…

सीमित संसार से असीमित कल्पना तक: बाल-पठन संस्कृति का संकट

-डॉ. सत्यवान सौरभ नई दिल्ली।(आवाज न्यूज ब्यूरो) एक समय ऐसा भी था, जब मुझे बाल-पत्रिकाओं के अस्तित्व की कोई जानकारी नहीं थी। यह जानना तो दूर, मुझे इस बात का आभास तक नहीं था कि विद्यालयी पाठ्यक्रम की पुस्तकों के अतिरिक्त भी बच्चों के लिए विशेष रूप से कुछ लिखा-पढ़ा जाता है। हमारे लिए पढ़ना केवल…

बेटी की शादी में राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार सुरक्षा संघ ने गुप्त दान देकर पेश की मानवता की मिसाल

फर्रुखाबाद।(आवाज न्यूज ब्यूरो)  मोहम्मदाबाद ब्लॉक के ग्राम कुबेरपुर जुन्नारदार निवासी स्वर्गीय दफेदार कश्यप की पिता-विहीन पुत्री प्रीति कश्यप के विवाह में समाज के जिम्मेदार लोगों ने मानवीय संवेदनाओं का अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया। बेटी की बारात 4 फरवरी 2026 को आने की सूचना मिलने पर राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार सुरक्षा संघ की टीम ने गुप्त रूप…

जागरूक समाज ही कर सकता है कुप्रथाओं का अंत : बाल विवाह व बाल श्रम कानूनन अपराध

फर्रूखाबाद।(आवाज न्यूज ब्यूरो)  खंड विकास अधिकारी कार्यालय शमशाबाद के सभागार में बुधवार को बाल संरक्षण एवं जन-जागरूकता को लेकर एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बाल संरक्षण अधिकारी ने उपस्थित लोगों को बाल विवाह एवं बाल श्रम से जुड़े कानूनों, दुष्परिणामों और सरकारी प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी।कार्यक्रम का नेतृत्व खंड विकास…

जाति व्यवस्था से ज्यादा हीन या श्रेष्ठ मानना एक समस्या है।

नई दिल्ली।(आवाज न्यूज ब्यूरो) जाति आधारित व्यवसाय कोई समस्या नहीं है लेकिन एक व्यवसाय को हीन या श्रेष्ठ मानना एक समस्या है। हर पेशे का सम्मान होना चाहिए। महात्मा गांधी की “ब्रेड लेबर” (हर किसी को कुछ शारीरिक श्रम करना चाहिए) और “ट्रस्टीशिप” (पूंजीपतियों का समाज के प्रति ऋण) की अवधारणा इसी पर आधारित है। इससे…