फर्रुखाबाद।(आवाज न्यूज ब्यूरो)। श्यामनगर स्थित सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में आज “सप्तशक्ति संगम” कार्यक्रम अत्यंत गरिमामयी एवं प्रेरणादायी वातावरण में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह कार्यक्रम मातृशक्ति के जागरण, सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण और राष्ट्र निर्माण में महिलाओं की भूमिका को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता मीरा वर्मा (उपाध्यक्ष, भारतीय शिक्षा समिति कानपुर प्रान्त) ने की। वहीं मुख्य वक्ता के रूप में निधि द्विवेदी (क्षेत्र संयोजिका, सप्तशक्ति संगम पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र) उपस्थित रहीं। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथियों के रूप में प्रीति रायजादा, श्वेता द्विवेदी तथा समाजसेविका नीलम चौहान की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम में विशेष ऊर्जा का संचार किया। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन और पुष्पार्चन के साथ किया गया। इसके उपरांत कार्यक्रम संयोजिका रंजन सक्सेना ने सभी अतिथियों का बैज अलंकरण कर स्वागत किया, जिससे पूरा सभागार राष्ट्रभक्ति व सांस्कृतिक चेतना से ओतप्रोत हो गया।
मुख्य वक्ता श्रीमती निधि द्विवेदी ने कुटुम्ब प्रबोधन पर प्रभावशाली विचार रखते हुए कहा कि “संयुक्त परिवार राष्ट्र के संस्कारी, सशक्त और समर्पित नागरिकों की नींव रखते हैं। माताओं की भूमिका बच्चों के जीवन में सबसे अधिक प्रभावशाली होती है।” उन्होंने मातृशक्ति से आग्रह किया कि वे बच्चों के वेश-भूषा, खान-पान और मातृभाषा को सम्मान व प्राथमिकता दें, जिससे बच्चे भारतीय संस्कारों से जुड़े रह सकें। श्वेता द्विवेदी ने अपने संक्षिप्त किंतु प्रेरक उद्बोधन में सप्त शक्तियों- कीर्ति, क्षमा, धृति, मेधा, स्मृति, वाक और श्री का भावपूर्ण परिचय देते हुए बताया कि ये शक्तियां नारी के व्यक्तित्व को पूर्णता प्रदान करती हैं और समाज को दिशा देने का सामर्थ्य रखती हैं।
कार्यक्रम की अध्यक्ष श्रीमती मीरा वर्मा ने भारत के सांस्कृतिक विकास में महिलाओं की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि “मातृशक्ति ही राष्ट्र निर्माण की वास्तविक आधारशिला है। यदि परिवार सशक्त होगा तो राष्ट्र स्वतः सशक्त बन जाएगा।” उन्होंने कुल परंपराओं के संरक्षण, मातृभाषा के गौरव तथा बच्चों को भारतीय मूल्य आधारित कथाओं से जोड़ने पर विशेष बल दिया। विशिष्ट अतिथि प्रीति रायजादा ने अपने उद्बोधन में कहा कि आज के समय में बच्चों के खान-पान और वेश-भूषा पर अभिभावकों को विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। सामाजिक प्रदूषण तेजी से बढ़ रहा है और हमारे पहनावे का बच्चों पर गहरा प्रभाव पड़ता है। उन्होंने कहा “परिवारों में छिपे संस्कारों को पुनः जीवित करने के लिए मातृशक्ति को आगे आकर नेतृत्व करना होगा।”
कार्यक्रम में विद्यालय की बड़ी संख्या में मातृशक्ति ने उत्साहपूर्वक भागीदारी की। पूरे कार्यक्रम के दौरान अनुशासन, सांस्कृतिक चेतना और सकारात्मक ऊर्जा का वातावरण बना रहा। कार्यक्रम का मूल उद्देश्य मातृशक्तियों को जागृत करना तथा उन्हें राष्ट्र की महान महिला विभूतियों से परिचित कराना रहा। कार्यक्रम के अंत में आचार्या श्रीमती रंजन सक्सेना ने सभी अतिथियों एवं उपस्थित मातृशक्ति का हृदय से धन्यवाद ज्ञापित किया। इसके उपरांत अतिथियों को प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। इसके साथ ही “सप्तशक्ति संगम” कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज श्यामनगर में “सप्तशक्ति संगम” कार्यक्रम का भव्य आयोजन

