तीसरा युद्धक्षेत्र : जब देश का दुश्मन भीतर होता है
“देश के दुश्मन दो नहीं, अब तीन हैं: आर-पार की जंग और आधे मोर्चे की चुनौती।” “सीमाओं से परे: देश के भीतर पलते आधे मोर्चे की साज़िश” “तीसरा युद्धक्षेत्र: जब देश का दुश्मन भीतर होता है” भारत आज दो नहीं, तीन मोर्चों पर जूझ रहा है—बाहरी आतंक, सीमापार दुश्मन और भीतर छिपा ‘आधा मोर्चा’। पहलगाम…

