संसद का अवरुद्ध स्वर और लोकतंत्र की कसौटी
लगातार व्यवधानों के दौर में संसदीय लोकतंत्र को सशक्त करने की संस्थागत राह — डॉ. प्रियंका सौरभ नई दिल्ली।(आवाज न्यूज ब्यूरो) भारतीय संसद लोकतंत्र की आत्मा मानी जाती है। यही वह मंच है जहाँ जनता की विविध आकांक्षाएँ, असहमतियाँ और अपेक्षाएँ बहस के माध्यम से नीति और कानून का रूप लेती हैं। किंतु हाल के वर्षों…

